⋇⋆✦⋆⋇ दोस्ती बचपन की ⋇⋆✦⋆⋇
शीर्षक : -- दोस्ती बचपन की
विधा : -- कविता
स्वार्थ से परे दुनिया से बेखबर
ऐसा हैं मेरा दोस्ती का सफ़र
अपने ही धुन में मस्त रहना
जब तक मन न भर जाए,तब तक खेलते रहना
हर समय बाहर रहना माँ के बुलाने पर घर आना
खेलना, घूमना और पढ़ना सब साथ में करना
दोस्ती बचपन की भला कौन भूल सकता हैं
एक - एक पल अभी भी स्मृति में घूमता हैं
हम दोनों साथ में विद्यालय जाते थे
रास्ते में फूल खिला हुआ देखकर बिना पूछे तोड़ लेते थे
दोस्ती बचपन की जिंदगी भर याद आता हैं
जिंदगी बदल जाती हैं, दोस्त हमेशा वहीं रहता हैं
झगड़ा करना, रूठ जाना फिर दूसरे दिन एक हो जाना
एक - दुसरे की मदद करते थे, स्वार्थ के बिना
तबियत खराब होने पर, दोस्त विद्यालय नहीं आता था
मन नहीं लगता था उसके बिना, मैं भी छुट्टी ले लेता था
* सरिता पटेल *
जांजगीर चांपा, छत्तीसगढ़
⋇⋆✦⋆⋇ महीने के आखिरी दिनों में ⋇⋆✦⋆⋇
शीर्षक :-- महीने के आखिरी दिनों में
विधा :-- कविता
उन गरीबों का बहुत बुरा हाल होता होगा
महीने के आख़िरी दिनों जैसा, उनका सब दिन होता होगा
रोटी, कपड़ा और मकान, बस यही जुटाने में पूरा महीना निकल जाता होगा
खेती और मजदूरी कर अपना जीवन यापन होगा
नहीं किसी की चाह, नहीं किसी से उम्मीद रखते
अपनी मेहनत पर ही ख़ुद भरोसा रखते
किसी के आगे हाथ न फैलाते, जीतना कमाते उतना में ही संतुष्ट रहते
खुद भूखा रहकर अपने बच्चे को खिला कर सोते
टूटी झोपड़ी, टूटा घर वही रहकर, सालों गुजार देते हैं
अपना एक – एक पैसा सोच समझकर खर्च करते हैं
अमीरों के पास पैसा रहकर भी, हमेशा दुःखी रहता हैं
गरीबों का हाल बुरा होते हुए भी, चेहरे में मुस्कान रहता हैं
सोचो अपने बेटियों की शादी में पैसे का इंतजाम कैसे करता होगा
अपनी जरूरतों को कम कर, अपने बेटियों के बारे में सोचता होगा
सरिता पटेल
कोटमी सोनार, जांजगीर चांपा,
छत्तीसगढ़
⋇⋆✦⋆⋇ पुस्तक ⋇⋆✦⋆⋇
शीर्षक -- पुस्तक
विधा -- कविता
पुस्तक में है ज्ञान की बातें
छोटे - बड़े सबको भातें
पुस्तक पढ़ने से नहीं होती हानि
जितना पढ़ोगे उतना बनोगे ज्ञानी
जो पुस्तक पढ़ने से जी चुराते
ज्ञान पाने से वंचित रह जाते
पुस्तक हमारे प्रेरणा स्त्रोत
सुभाषचंद, विवेकानंद, महात्मा
गांधी के आदर्श बोध
जो व्यक्ति निराश होकर बैठ जाते
उनको आशा की किरण दिखाते
पुस्तक में है महापुरुषों की कहानी
जिन्होने दी है देश के लिए कुर्बानी
पुस्तक हमारे देश की शान
पढ़ - लिख कर सब बनो महान
पुस्तक में है ज्ञान की बातें
छोटे - बड़े सबको भाते
सरिता पटेल
जांजगीर चांपा, छत्तीसगढ़
©Sarita Patel
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