😍 ❤ मॉडर्न कान्हा ❤ 😍
सुना हैं तुम इतराते बहुत हो कान्हा
हर गोपी को अपनी मॉडर्न बांसुरी की धुन सुनाते हो कान्हा
तू आज अकेला आधा हैं , तुझसे रुठी तेरी राधा हैं।
तुम सबके आखों के तारें हो कान्हा
इश्क की शतरंज में आज हारे हो कान्हा
तुम हर बात पे बातें बनाते हो कान्हा
अब दुनिया की बातों में आते हो कान्हा
दुनिया को अपना बताते हो कान्हा
यही तो इश्क में बाधा हैं , तुझसे रुठी तेरी राधा हैं
तू आज अकेला आधा हैं , तुझसे रुठी तेरी राधा हैं।
कभी मोमोज , कभी टी स्टॉल पर समय बिताते तुम
तो कभी मित्रो संग चौराहे पर बैठ बेवजह समय बिताते तुम
ऐसे होता नहीं सफर जिंदगी का
ऐसे मिलते नहीं हमसफ़र जिंदगी के
क्यो तुम कुछ कमाते नहीं हो कान्हा
तुम्हारे मित्रों के पास धन बहुत हैं
तुझसे रुठी तेरी राधा हैं ।
तू आज अकेला आधा हैं , तुझसे रुठी तेरी राधा हैं।
कहाँ तुम रहते हो , कहाँ तुम्हारा ठिकाना हैं
जब भी बुलाऊं हर बार एक नया बहाना
जरा पास तो बैठो ,अपनी मॉडर्न बांसुरी का पासवर्ड तो बताना
आखिर किस किस का दिल बहलाते हो कान्हा
किस किस को पागल बनाते हो कान्हा
तुम पर नहीं सहेलियों पर भरोसा ज्यादा हैं
इसलिए तुझसे रुठी तेरी राधा हैं।
तू आज अकेला आधा हैं , तुझसे रुठी तेरी राधा हैं।
मुलाकातो का आलम घटा हैं
बरसते हैं मेघ , दिल पर सावन पड़ा हैं
मालूम हैं अब तू सिर्फ मेरा नहीं
शायद अब तू खुद का भी नहीं
इश्क हैं तो सजदो में झुक जाते हैं कान्हा
प्रेम किया हैं तो सदियों तक निभाते हैं कान्हा
अब तुम्हारे बिना हम रह पाते नहीं
राधा तेरी तू राधा का , कब से सब आधा आधा हैं
एक बार बुलाओ तो प्यार से , नहीं रुठी तेरी राधा हैं
तू आज अकेला आधा हैं , नहीं रुठी तेरी राधा हैं ।
😍 माँ 😍
माँ आप कितनी प्यारी हो ..
इस जग में सबसे न्यारी हो ,
आपके बिना अस्तीत्व नहीं मेरा इस जग में ..
नमन करती हूँ मैं आपके पग को ,
जब जब मैंने ठोकर खाया ..
तब आपने ही सिखाया मुझे सही राह चलने का तरीका,
आपकी ही ममता के आँचल में मैं बड़ी हुई ..
कभी उतार ना पाऊँगी आपके ममता का कर्ज ..
ये किस मोड़ पर खड़ी हूँ मैं ,
सोचती हूँ आप ना होती तो क्या होता मेरा इस जग में ..
रूह कांप जाती है यही सोचकर एक पल में ,
चोट मुझे लगती हैं तो आपकी आखों से आंसू बहते हैं ..
देख के आपकी ममता आसमान से फूल बरसते हैं
माँ आप कितनी प्यारी हो
इस जग में सबसे न्यारी हो ।
😍 बेटी 😍
बेटी फूल ...फूल क्यारी , मन मधुबन फुलवारी
बेटी माँ की निर्मल छाया , बेटी बाबा की गुडिया राजदुलारी
जिस घर बेटी आ जाए , वो घर जन्नत से भी प्यारी
सबके मन झुम उठे , जब गुंज उठे किलकारी
जब बेटी घर आ जाए .... तो झुम के इतराए घर सारा ,
इतराए ये दुनिया सारी ।
😇😇😇😇😇😇
जब बड़ी होती ..... घर की रोनक ,
बाबा की आन बान शान बन जाती बेटी ,
हर बेटी के पिता बेटी के सपनों को हकीकत बनाने में मसरूफ हैं , इसलिए ऐ जमाना हर गुडिया ( बेटीयो ) की हिफाजत करना सड़क पर । 😔😔
🙏🙏🙏🙏🙏🙏
ऐ जालिम जमाना इन प्यारी परियों को न सताना , न डराना
ये हैं वीरों की धरती ,
भुल ना जाना ये बेटीया ही है वो जगदम्बा , महाकाली , दुर्गाअवतारी
एक पल में ही ले छुरी कतारी बन जाती झांसी की रानी ,👸👸
बेटी फूल ...फूल क्यारी , मन मधुबन फुलवारी ।
♥️♥️♥️♥️♥️♥️
© Pritee Sahu
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