फोन की रिंग बजे ही जा रही थी ....
जनरल मोड पर फोन होने की वजह से रिंगटोन की आवाज से मेरे आसपास के पैसेंजर की नज़र घुम फिर के मेरे पर आके ठहर गई...
वो नंबर देख के थोड़ी देर तो मेरे हाथों में से जैसे जान ही चली गई ...
इसी उलझन में भुत बन कर बैठी रही की
फोन उठाऊ या काट दू ।
पहले सोचा चलो उठा ही लेती हूं उसके जैसा कोन हो ...¿
वैसे सच बोलूं तो,,,,,,,
मरे जा रही थी में भी बात करने उससे और ऊपर से बार बार मेरी ये शैतानी फिंगर उसके नंबर पर जा के चिपक जाती उठा ले जब मन में इतने ही लडडू फूट रहे है तो...
क्योंकि बहुत टाइम से जो आवाज सुनने तड़पती थी मैं वो आज खुद चल कर मेरे कानो मैं शोर मचाने आई थी...
पर मैं भी कोई कम जिद्दी नहीं थी....
एटीट्यूड उसमें 1% भी हो न तो मेरे में 1.01 % है
Huhhhh !!
अरे 0.01% ज्यादा ही कहलाता है न ?
बड़ा आया मुझे अब कॉल करने वाला...
वो क्या समझता है खुद को की मैं उसके इशारे पर नाचू ‽
हां ...
काट ही दिया फ़ोन मैने !
दिल पर पत्थर रख के ....:(
क्यों ?
क्यों उठाउ मैं फोन
जब अचानक से ही बिना बताए छोड़ के जो इंसान चला गया ...
अब वो चाहता है मैं उसकी फोन उठाऊं !
अचानक से इतनी मेहरबानी क्यों ?
किस हक से उसकी हिम्मत हुई मुझे कॉल करने की ?
अब याद आया क्या उसे की मेरे नाम की कोई लडकी थी उसकी लाइफ में ?
यार ! उठा ले फोन
शायद वो कोई प्रोब्लम में होगा तो
पक्का वो तकलीफ में होगा
तु तो ऐसी नहीं थी कभी
कल तक तुम वो सपने को सच होता हुआ देखना चाहती थी और आज पलभर में मैडम को उसके ऊपर गुस्सा आ रहा है
जब दिल बोल रहा है उठा ले उठा ले
तो मन मार के क्या मिलेगा
शायद वो तुम्हे मिस कर रहा हो या सॉरी बोलने आया हो
या तुम्हारा हाथ थाम के तुम्हे वापस अपने साथ ले जाने आया हो
दिल और दिमाग दोनो ने आज 7th world वॉर मेरे अंदर चालु कर दिया था...
फिर से वो ही रिंग बजी...
पर इस बार मेरी ये चिपकू फिंगर दिल और दिमाग दोनो को हरा कर 7th वर्ल्ड वॉर का आखरी दाव जीत ही गई...
और क्या
फोन उठा लिया उसने...
सामने से आवाज आई...
He- कहा बिजी हो मैडम...
Me- हम्म
He- अच्छा ये बताओ कॉल क्यूं नहीं उठाया पहले वाला...
She- हम्म
He- हम्म कोई रिप्लाई होता है भला ?
Me- हम्म्म
He- ओ मिस.हम्मम
आ रहा हूं मिलने मैं आज
तैयार रहना बस स्टैंड के पास वाले "Roof top "रेस्टुरेंट में
Me- Btw I'm not free.
और मैं स्ट्रेंजर लोगो से मिलना पसंद नही करती so Really sorry
आप किसी और मिस.हम्मम को पकड़ लीजिए
Bye. (गुस्से वाली आवाज में)
He- (अपने आप से)
पता नही था भगवान जी कोई इतना लाल पीला होकर बैठा है
हिम्मत दीजिए मुझे मिस. हम्म के हवाई चप्पल से पिटाई खाने की...
मैं मन में मुस्कुराती हुई :)
He- अगर मन ही मन मुस्कुराना था तो मैं ये जोक आके आपके मन में ही सुना देता ...बस मैडम को मिलना है but नखरे करने है...
सुनो
ये तुम्हारा नाक की भिंडी पर बैठा गुस्सा भी झेलना है... और
मुझे तुम्हारे ये नखरे भी देखने है और...
और तुम्हारे हवाई चप्पल से पिटाई भी खानी है...
पर शर्त सिर्फ इतनी होगी की तुम जब मिलने आओ तो मेरे हाथ पर
जो तुम बाइट कर के निशान बनाती हो न हमेशा प्लीज आज
भी वो बनाओगी न ?
She- हम्मम... देखती हूं....
Bye.
फोन कट.... :(
मेरा स्टॉप आने में बस थोड़ा ही वक्त बचा था...
तब तक के लिए मैं उसकी कही हुई बातो में गुम हो गई....
30 मिनट बाद.....
हजरतगंज के बस स्टैंड पर में उतर गई....
सोचा इतने दिन बाद मिल रहे कुछ ले जाती हूं जो उसे पसंद है....
सामने रोडसाइड मैगी और पास्ता का ठेला देखा....
वहा गई और ठेले वाले भैया को जाकर मैने बोला
________
वो सुन कर उन्हों ने मेरे सामने एसे look दिया
जैसे में पाकिस्तान की बॉर्डर में घुस जाने की गलती कर दी हो....
To be continued in the next part...
Intezaar ( Part - 1 ) -- Tanvi Patel ( Tanu )
Intezaar ( Part - 2 ) -- Tanvi Patel ( Tanu )
Intezaar ( Part - 4 ) -- Tanvi Patel ( Tanu )
Intezaar -- A Story By : Tanvi Patel ( Tanu )
Thanks...
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