काश हम साथ होते
तो क्या बात होतीना चाँद हम देखा करते
ना सुनी रात होती
काश तुम साथ होते
तो क्या बात होती ...
ना विरहा कि अग्नि
में हम यूँ रोते रहते
कुछ तो बात होती
हाय...क्या बात होती
काश हम साथ होता
तो क्या बात होती ...
ना इंतजार हि होता
ना मुलाकातें होती
सामने बैठे रहते
हाय...क्या बात होती
काश हम साथ होते
तो क्या बात होती ...
Akanksha Pandey
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ReplyDeleteThanq u
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