SHAYARI
दिल को मत अनसुना करो
अपने जज़्बातों से मत भागा करो ..
इसके भी इशारों को समझा करो ..
दिमाग के साथ इस दिल की भी कभी तो सुन लिया करो !
किसी से कुछ नहीं कहना अब अपने ही धुन में मस्त रहना..
अपनी ज़रा सी परवाह करना..
अपने सपनों के ज़रा और करीब आना..
बस.. किसी से और कुछ नहीं कहना !
तुम्हारा निस्वार्थ भाव से सबकी मदद करना..
किसी से कोई बैर ना रखना..
हमेशा सब के हित में सोचना..
सबको माफ कर के हमेशा मुस्कुराना..
सुंदर तो है.. तुम सच में सुंदर हो..और सबसे सुंदर है तुम्हारा मन!
खुदको याद दिलाते रहिए..
दूर नहीं वो मंज़िल, पास है
तू खुद आम नहीं ,कुछ खास है
पहले ही बता देना
अगर इस बार भी जाने का मन करे तो..
रोकूंगी नहीं तुम्हें.. बस तैयार रहूंगी..
वो क्या है ना पिछली बार तुम्हारे आने की आस लगाए इंतजार कर कर के टूट सी गई थी..
अब फिर से जुड़ने की ना हिम्मत है ना ताकत !
तुम्हारे साथ रहना था
जिंदगी भर तुम्हारे साथ रहना था..
सपने को हकीकत बनाना था..
तुम्हे और भी करीब से जानना था..
अब रह गया बस अधूरा सपना और अधूरी चाहत!
तुम्हारी मंज़िल को अपनी मंज़िल बनाना था..
© Shruti Dash
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