1.
बेमतलब बेवजह बेवक्त आती है
तेरी याद भी कमबख्त हर वक्त आती है
2.
बड़ी बेचैन हूं मैं आज-कल
तेरे बिन मिलता सुकू कहा
दर-बदर रहती हूं
हर रहा तूं वता रूकू कहां
कि बैसे तो हैं कई चेहरे मेरे
इर्द -गिर्द पर कोई तुझसा हु-ब-हू कहां....
मुखातिब भी कम होते हैं ख्वाबो में
बो पहले सी मुलाकात की जुस्तजू कहा..
ख्यालों में तों आज भी तूं हैं
बता तों सही अब हों रूबरू कहा...
©Rahina Khan

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