एक दिन तुम भी पिघल जाओगे
चाहत क्या है एक दिन तुम भी समझ जाओगे
बड़े पत्थर बने फिरते बने फिरते हो ना
देखना एक दिन तुम भी कमजोर पड़ जाओगे
जो हाल है अब मेरा
किसी दिन तुम भी समझ जाओगे
किसी ना किसी दिन तुम भी
किसी के इश्क़ में गिरफ्त हो जाओगे
हर मतलब को देखना उस दिन
बेमायने ही पाओगे
तुम्हें खबर भी ना होगी देखना खुद को
किस क़दर तुम भी पिघल जाओगे
जिस दिन भूल जाओगे तुम भी खुद को
किसी की चाहत में
देखना उस दिन किसी की चाहत की
कद्र करना सीख जाओगे
By : Savita Savi
1 Comments
Nice video & superb quote
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