⋇⋆✦⋆⋇ सतरंगी_मेरा देश ⋇⋆✦⋆⋇
है देश मेरा सतरंगी यहां लगता खुशियों का मेला है।
कभी दिखती चांदनी ईद की कभी होली का बसेरा है।।
कभी जगमगाता क्रिसमस ट्री तो कभी जलती लोड़ी है।
होता हर दिन नया यहां बनता हर रोज एक उत्सव है।।
बड़ी सुंदर है प्रीत की डोरी यहां रिश्तों की परिभाषा है।
मेरे देश का हर रंग ,हर किसी के मन को लुभाता है।।
हिंदी,मुस्लिम,सिख,ईसाई में, यहां बसता भाईचारा है।
तिरंगा हम सब की शान है और भारत हमारी माता है।।
ये भूमि कहलाती संतो की यहां कण कण में भगवान हैं।
सत्य,अहिंसा,धर्म और नीति इस देश की सुंदर पहचान है।।
सिर पर मुकुट हिमालय का और सागर चरण पखारता है।
है जन्मभूमि ये वीरों की इसकी गाथा बड़ी महान है।।
⋇⋆✦⋆⋇ दर्द- न लगाओ दिल से ⋇⋆✦⋆⋇
लिखना हो जो दर्द को दिल पे,
तो लिखना इसको पेंसिल से।
जो मिट जाता है एक बार में,
रगड़ लगे जो मिटनी से।
न लिखो कभी कलम से इसको,
जो रगड़े मिटनी तो फट चिथ जाए।
होती है इसकी स्याह बड़ी पक्की,
काटो तो दाग बन जाए।
⋇⋆✦⋆⋇ जीवन ⋇⋆✦⋆⋇
जीवन आकर्षक है,ये है मोह बंधन की माया।
सब कुछ यहां मृग तृष्णा सा है यहां कुछ भी हाथ न आना।
तो क्यों भागे तू सौंदर्य के पीछे बस श्री राम की धुनी लगाना,
खुल जाएंगे बंधन सारे मिल जाएगी तुझे छाया।
जो होगा करीब ईश्वर के अपने सिखा कर किसी को मुस्काना,
जो मांगे कोई साथ तुम्हारा तो देना उसे तुम सहारा।
जो मिल जाए धन और दौलत तो वर्षा में नालों सा मत उफनाना,
बन जाना एक नदी सा तू और सबकी प्यास बुझाना।
फिर मिल जाएंगे राम तुझे तो जीवन को सुंदर हो जाना,
हो जाएगा संतृप्त मन खुशियां होंगी बस बहाना।
⋇⋆✦⋆⋇ सफर सच्चाई का ⋇⋆✦⋆⋇
कठिन डगर मुश्किल सफर है, राही तुझको चलना होगा।
चाहे आए कोई भी अड़चन, मील का पत्थर बनना होगा।।
माना कि अंधियारा है घना, उम्मीद की लौ जलाना होगा।
सच्चाई की राह पर, मेहनत के फूल खिलाना होगा।।
है रस्ता ये कांटों भरा, हिम्मत को ढाल बनाना होगा।
हो खूबसूरत वो मंज़िल अपनी,ऐसा मंज़र बनाना होगा।।
कठिन डगर मुश्किल सफर है, राही तुझको चलना होगा ।
राही तुझको चलना होगा।।
⋇⋆✦⋆⋇ हार--: एक मौका जीत का ⋇⋆✦⋆⋇
न समझ खुद को नाकाम ऐ बंदे,
अभी तो है मौका मिला।
पंख दे अपनी ख्वाहिशों को ज़रा,
अभी तो है पूरा आसमां खुला पड़ा।
उड़ कर देख इस आसमां पे तो सही,
ये जहां है कितना खूबसूरत भला।
मौका तो तब भी था मौका तो अब भी है,
मौका तो तब था मौका तो अब भी है,
अपनी हर हार को जीत में बदलने का।
आखिर हार के जीतकर ही तो कोई बाज़ीगर कहलाया है।
तो ना सोच ना डर ,बस कर अपने हौसलों को बुलंद ज़रा,
उड़कर इस आसमां पे तू अपनी जीत का परचम तो लहरा भला।
ना समझ खुद को नाकाम ए बंदे ,
अभी तो है मौका मिला अभी तो है मौका मिला।।
©Sarita Patel
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